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How to Apply for Passport in India: Fees, Documents & Official Website (2025 Updated Guide)

• Passport की जानकारी :

Indian passport


दोस्तों, अगर आप कहीं बाहर घूमने का प्लान बना रहे हैं या फिर विदेश में नौकरी-वगैरह के लिए जाना चाहते हैं, तो सबसे पहले जो जरूरी डॉक्यूमेंट आता है, वह है पासपोर्ट। पासपोर्ट एक तरह का पहचान पत्र होता है, जिसे हमारी भारतीय सरकार जारी करती है और यह साबित करता है कि हम भारत के नागरिक हैं। इसके बिना आप देश से बाहर नहीं जा सकते।

पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया अब पहले की तुलना में काफी आसान हो चुकी है। आपको बस पासपोर्ट सेवा की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना है, वहाँ अपना अकाउंट बनाना है और कुछ बेसिक जानकारी भरनी होती है। इसके बाद आपको अपने नजदीकी पासपोर्ट सेवा केंद्र में अपॉइंटमेंट बुक करना होता है। वहाँ जाकर आपके डॉक्यूमेंट चेक किए जाते हैं और वेरिफिकेशन के बाद कुछ ही समय में आपका पासपोर्ट तैयार होकर आपके पते पर भेज दिया जाता है।

अगर आपका पुराना पासपोर्ट है और उसे रिन्यू करवाना है, तो इसकी प्रक्रिया भी बिल्कुल आसान है। बस कुछ डॉक्यूमेंट लगाने होते हैं और नए पासपोर्ट की तरह ही आवेदन करना पड़ता है। कुल मिलाकर दोस्तों, पासपोर्ट बनवाने या अपडेट करवाने में कोई खास दिक्कत नहीं आती—बस सही तरीके से स्टेप फॉलो करने होते हैं।


• Passport आवेदन करने के बाद कितने दिन में आता है : 


दोस्तों, पासपोर्ट के लिए आवेदन करने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर पासपोर्ट आने में कितना समय लगता है। देखिए, पहले यह प्रोसेस काफी लंबा हुआ करता था, लेकिन अब सबकुछ ऑनलाइन होने की वजह से समय काफी कम हो गया है। आमतौर पर, अगर आपके डॉक्यूमेंट पूरे हैं और पुलिस वेरिफिकेशन में भी कोई दिक्कत नहीं आती, तो नॉर्मल पासपोर्ट 7 से 15 दिन के अंदर आपके पते पर पहुँच जाता है।

लेकिन याद रखें, इसमें सबसे जरूरी रोल होता है पुलिस वेरिफिकेशन का। अगर पुलिस आपका वेरिफिकेशन जल्दी कर देती है, तो पासपोर्ट भी उतनी ही जल्दी आ जाता है। और अगर कहीं कोई डॉक्यूमेंट की कमी रह गई या वेरिफिकेशन में देरी हुई, तो थोड़ा समय ज़्यादा लग सकता है।

अगर आपको पासपोर्ट जल्दी चाहिए, तो एक दूसरा विकल्प भी होता है—Tatkaal Passport। इसमें आमतौर पर 2 से 5 दिनों के अंदर पासपोर्ट मिल जाता है, लेकिन इसके लिए थोड़े ज्यादा डॉक्यूमेंट और थोड़ा ज्यादा शुल्क देना पड़ता है।

तो दोस्तों, कुल मिलाकर, अगर सबकुछ ठीक चलता है, तो पासपोर्ट आने में ज्यादा समय नहीं लगता—बस स्टेप्स सही तरीके से फॉलो करने होते हैं।


• Passport बनाने के लिए क्या-क्या डॉक्यूमेंट चाहिए : 

Documents required for Indian passport


दोस्तों, पासपोर्ट बनवाने के लिए सबसे ज़रूरी चीज़ है—सही डॉक्यूमेंट। अगर आपके डॉक्यूमेंट पूरे हैं, तो पूरा प्रोसेस बिना किसी दिक्कत के आराम से हो जाता है। पासपोर्ट ऑफिस में लगभग हर किसी से कुछ बेसिक डॉक्यूमेंट ही मांगे जाते हैं, ताकि आपकी पहचान और पता दोनों की पुष्टि हो सके।

सबसे पहले बात करते हैं Identity Proof की। इसके लिए आप आधार कार्ड, वोटर ID, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे डॉक्यूमेंट दे सकते हैं। इनमें से कोई एक डॉक्यूमेंट आपकी पहचान साबित करने के लिए काफी होता है।

इसके बाद आता है Address Proof। दोस्तों, पता प्रमाण के लिए भी कई डॉक्यूमेंट चल जाते हैं, जैसे कि आधार कार्ड, बिजली का बिल, पानी का बिल, बैंक पासबुक, रेंट एग्रीमेंट या गैस कनेक्शन की कॉपी। इनका काम होता है आपके वर्तमान पते को वेरिफाई करना।

अगर आपकी उम्र 18 से कम है, तो आपको Date of Birth Proof देना होता है, जैसे कि जन्म प्रमाण पत्र। और अगर आपकी उम्र 18 से ज्यादा है, तब भी जन्म तारीख का प्रमाण देना जरूरी होता है, जिसके लिए आप 10वीं की मार्कशीट या जन्म प्रमाण पत्र दे सकते हैं।

इसके अलावा, कुछ मामलों में अतिरिक्त डॉक्यूमेंट भी मांगे जा सकते हैं, जैसे शादीशुदा लोगों के लिए marriage certificate या नाम बदलने पर Gazette notification, वगैरह। लेकिन आमतौर पर ज्यादातर लोगों के लिए वही बेसिक ID और Address Proof ही काफी होते हैं।

तो दोस्तों, यह रहे वे जरूरी डॉक्यूमेंट जिनसे आप आसानी से अपना पासपोर्ट बनवा सकते हैं—बस इनकी साफ, सही और वैलिड कॉपी साथ रखना जरूरी है।


• Passport बनाने के लिए फीस कितनी लगती है :


दोस्तों, पासपोर्ट बनवाने से पहले हर किसी के मन में एक सवाल जरूर आता है—आखिर इसके लिए कुल कितनी फीस लगती है? अच्छी बात यह है कि पासपोर्ट की फीस बहुत ज़्यादा नहीं होती और यह इस बात पर निर्भर करती है कि आप Normal पासपोर्ट लेना चाहते हैं या Tatkaal।

अगर आप 36 पन्नों वाला Normal Passport बनवाते हैं, तो इसकी फीस लगभग 1500 रुपये होती है। वहीं 60 पन्नों वाला Normal Passport चाहिए, तो इसकी फीस थोड़ी ज़्यादा, यानी लगभग 2000 रुपये होती है। यह उन लोगों के लिए होता है जिन्हें बार-बार यात्रा करनी पड़ती है।

अब बात करते हैं Tatkaal Passport की—दोस्तों, अगर आपको पासपोर्ट जल्दी चाहिए, तो Tatkaal वाला विकल्प चुनना पड़ता है। इसमें Normal फीस के साथ अतिरिक्त Tatkaal शुल्क भी लगता है। कुल मिलाकर Tatkaal पासपोर्ट की फीस लगभग 3500 से 4000 रुपये के बीच पड़ती है। इस प्रोसेस में आपका पासपोर्ट कम समय में तैयार हो जाता है।

यानी कि कुल मिलाकर, पासपोर्ट की फीस बहुत ज्यादा नहीं है—बस आपको Normal और Tatkaal में से अपने हिसाब से सही विकल्प चुनना है। दोनों ही प्रोसेस आसान हैं, फर्क सिर्फ समय और थोड़ी फीस का होता है।


• Passport कितने प्रकार का होता है : 

Types of passport in india


दोस्तों, बहुत से लोगों को यह नहीं पता होता कि भारत में पासपोर्ट सिर्फ एक प्रकार का नहीं, बल्कि कई तरह के पासपोर्ट जारी किए जाते हैं। हर पासपोर्ट की अपनी जरूरत और उपयोग होता है। चलिए इसे आसान भाषा में समझते हैं।

सबसे पहले आता है साधारण पासपोर्ट (Ordinary Passport)। यह वही पासपोर्ट है जो आम नागरिकों को दिया जाता है। इसका कवर नीले रंग का होता है और इसे यात्रा, नौकरी, पढ़ाई या किसी भी तरह की विदेश यात्रा के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ज्यादातर लोग इसी पासपोर्ट के लिए आवेदन करते हैं।

दूसरा प्रकार होता है डिप्लोमैटिक पासपोर्ट। दोस्तों, यह पासपोर्ट आम नागरिकों को नहीं मिलता। इसे सरकारी अधिकारियों, राजनयिकों, उच्च पदों पर काम करने वाले लोगों और उनके परिवारों को दिया जाता है। इस पासपोर्ट का कवर लाल रंग का होता है और इसकी सुविधाएँ भी ज्यादा होती हैं।

तीसरा प्रकार है Official Passport, जिसे हम सर्विस पासपोर्ट भी कहते हैं। इसका कवर सफ़ेद रंग का होता है। यह उन सरकारी कर्मचारियों को दिया जाता है जो सरकारी काम से विदेश यात्रा करते हैं। यह भी आम लोगों के लिए उपलब्ध नहीं है।

कुछ मामलों में एक और कैटेगरी होती है—Emergency Certificate। यह उन लोगों को जारी किया जाता है जिनका पासपोर्ट खो गया हो या जिन्हें तुरंत भारत वापस लौटना हो। यह एक अस्थायी यात्रा दस्तावेज़ होता है।

तो दोस्तों, पासपोर्ट भले ही दिखने में एक जैसा लगता हो, लेकिन इसके कई प्रकार होते हैं और हर एक की अपनी अलग पहचान और जरूरत होती है।


• ECR और Non-ECR Passport क्या होता है :


दोस्तों, पासपोर्ट बनवाते समय एक टर्म अक्सर सुनने को मिलता है—ECR और Non-ECR। बहुत लोग इसे लेकर कन्फ्यूज़ रहते हैं कि आखिर यह होता क्या है और किसका क्या मतलब है। चलिए इसे आसान भाषा में समझते हैं।

सबसे पहले बात करते हैं ECR (Emigration Check Required) पासपोर्ट की। यह उन लोगों के लिए होता है जिनकी शिक्षा 10वीं क्लास तक पूरी नहीं होती या जिनके पास हाई स्कूल का सर्टिफिकेट नहीं होता। ऐसे मामलों में सरकार यह सुनिश्चित करती है कि जब ये लोग कुछ खास देशों में नौकरी के लिए जाएँ, तो इनके साथ कोई धोखा या शोषण न हो। इस वजह से ECR पासपोर्ट वालों को विदेश काम के लिए जाने से पहले Emigration Clearance लेना पड़ता है।

अब आते हैं Non-ECR पर। दोस्तों, अगर आपने 10वीं या उससे ऊपर की पढ़ाई कर ली है, या आप टैक्सपेयर हैं, या आपके पास प्रोफेशनल डिग्री है—तो आपका पासपोर्ट Non-ECR कैटेगरी में आता है। इसका मतलब है कि आपको विदेश जाने से पहले किसी भी तरह की emigration clearance की जरूरत नहीं पड़ती। Non-ECR पासपोर्ट वालों के लिए यात्रा बिल्कुल आसान रहती है।

इसका सीधा मतलब यह हुआ कि Non-ECR वालों पर कोई अतिरिक्त नियम नहीं लगते, जबकि ECR वालों को कुछ देशों में नौकरी के लिए जाने पर अतिरिक्त वेरिफिकेशन से गुजरना पड़ सकता है।

तो दोस्तों, ECR और Non-ECR दोनों ही पासपोर्ट होते तो एक जैसे हैं, लेकिन इनके नियम और ज़रूरतें अलग होती हैं। बस आपकी शिक्षा और डॉक्यूमेंट के आधार पर तय होता है कि आपका पासपोर्ट किस श्रेणी में आएगा।


•  Passport Apply की Official Website :


दोस्तों, पासपोर्ट के लिए आवेदन करते समय सबसे ज़रूरी चीज़ होती है—सही और असली वेबसाइट का इस्तेमाल करना। बहुत सी फेक साइट्स भी मौजूद होती हैं जो लोगों से पैसे ले लेती हैं, लेकिन असल में उनका पासपोर्ट प्रोसेस ही नहीं होता। इसलिए हमेशा ध्यान रखें कि पासपोर्ट अप्लाई करने की एक ही आधिकारिक (official) वेबसाइट है:

Passport Apply Link –  https://www.passportindia.gov.in/psp/ApplyPassport

यह भारत सरकार की Ministry of External Affairs द्वारा चलाई जाती है और यहीं से पूरी पासपोर्ट प्रक्रिया की शुरुआत होती है। इस वेबसाइट पर आप अकाउंट बना सकते हैं, फॉर्म भर सकते हैं, डॉक्यूमेंट अपलोड कर सकते हैं और पासपोर्ट सेवा केंद्र में अपॉइंटमेंट भी बुक कर सकते हैं।

इसके अलावा, सरकार ने एक मोबाइल ऐप भी जारी किया है जिसका नाम है mPassport Seva App। इसे भी आप सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं, क्योंकि यह सीधे सरकारी सर्वर से कनेक्टेड होता है।

तो दोस्तों, पासपोर्ट अप्लाई करते समय हमेशा इस बात का ध्यान रखें—कहीं भी पैसे देने या डॉक्यूमेंट शेयर करने से पहले यह जरूर देख लें कि वेबसाइट असली है और “.gov.in” पर खत्म होती है। इससे आपका डेटा भी सुरक्षित रहता है और आपका पासपोर्ट प्रोसेस भी सही तरीके से पूरा हो जाता है।


• पुलिस वेरिफिकेशन में क्या होता है :


दोस्तों, पासपोर्ट की पूरी प्रक्रिया में सबसे अहम और ज़रूरी स्टेप होता है पुलिस वेरिफिकेशन। बहुत से लोग इसको लेकर थोड़े परेशान हो जाते हैं, लेकिन सच कहें तो यह प्रोसेस बिलकुल आसान और सीधा-सा होता है। इसका मकसद सिर्फ यह चेक करना होता है कि आप जिस पते पर रह रहे हैं, वह सही है और आपके खिलाफ कोई कानूनी मामला नहीं है।

पासपोर्ट आवेदन करने के कुछ दिनों बाद आपके स्थानीय पुलिस स्टेशन की तरफ से आपको कॉल या मैसेज आता है। कई बार सीधे पुलिस आपके घर भी आ जाती है। उनका काम होता है आपके पते की पुष्टि करना—कि आप सच में वहीं रहते हैं कि नहीं। इसके लिए वे आपसे कुछ बेसिक डॉक्यूमेंट मांगते हैं, जैसे आधार कार्ड, बिजली का बिल, रेंट एग्रीमेंट या कोई भी एड्रेस प्रूफ।

इसके अलावा, पुलिस वाले अक्सर दो पड़ोसियों से भी पूछ लेते हैं कि आप वहाँ रहते हैं या नहीं। यह सिर्फ औपचारिकता होती है, इसमें घबराने वाली कोई बात नहीं होती। उसके बाद वे आपकी डिटेल अपने सिस्टम में अपडेट कर देते हैं।

जब आपका वेरिफिकेशन क्लियर हो जाता है, तो इसकी रिपोर्ट ऑनलाइन पासपोर्ट ऑफिस को भेज दी जाती है। और बस! इसके बाद आपका पासपोर्ट बनाने का प्रोसेस तेजी से आगे बढ़ जाता है। अगर पुलिस वेरिफिकेशन में कोई दिक्कत न आए, तो पासपोर्ट जल्दी मिल जाता है।

कुल मिलाकर दोस्तों, पुलिस वेरिफिकेशन एक साधारण और जरूरी प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य आपकी सुरक्षा और पहचान की पुष्टि करना होता है—इसके अलावा कुछ नहीं।

Video For Guidence –

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