प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर बनाने के लिए पात्र परिवारों को सरकार की ओर से आर्थिक मदद दी जाती है। गांव में रहने वाले परिवारों के लिए यह योजना PM Awas Yojana-Gramin यानी PMAY-G के नाम से चलती है। शहरों के लिए अलग PMAY-U 2.0 योजना है। इसलिए 2026-27 की PM Awas Yojana List देखने से पहले यह जानना जरूरी है कि आपका परिवार ग्रामीण क्षेत्र में आता है या शहरी क्षेत्र में।
PMAY-G की नई अवधि वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक जारी है। इस अवधि में 2 करोड़ अतिरिक्त ग्रामीण घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने इस नई अवधि के लिए पात्र परिवारों की पहचान और पुराने Awaas+ रिकॉर्ड को अपडेट करने की प्रक्रिया भी शुरू की है। अगस्त 2026 में ग्रामीण विकास मंत्रालय ने बताया था कि नई अवधि के लिए राज्यों को दिए गए 1.22 करोड़ के लक्ष्य में से 97.48 लाख घर स्वीकृत हो चुके थे।
इसी वजह से 2026-27 में बहुत से परिवार PM Awas Yojana List में अपना नाम देखने की कोशिश कर रहे हैं। नाम सूची में है या नहीं, यह पता करने के लिए सबसे सुरक्षित तरीका सरकारी PMAY पोर्टल और अपने ग्राम पंचायत या संबंधित कार्यालय से जानकारी लेना है। केवल सोशल मीडिया पर घूम रही किसी PDF या दूसरे निजी वेबसाइट के दावे को अंतिम सूची नहीं माना जाना चाहिए।
PM Awas Yojana List 2026-27 क्या है?
PM Awas Yojana List में उन परिवारों की जानकारी होती है जिन्हें योजना के नियमों के अनुसार आवास सहायता के लिए चुना गया है। ग्रामीण योजना में लाभार्थियों की पहचान केवल आवेदन करने से नहीं होती। परिवार की आवास स्थिति, उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड, सर्वे की जानकारी और तय पात्रता शर्तों की जांच की जाती है। इसके बाद स्थानीय स्तर पर सत्यापन की प्रक्रिया होती है।
PMAY-G के शुरुआती चरण में लाभार्थियों की पहचान SECC 2011 के आंकड़ों में दर्ज आवास से जुड़ी जरूरत और निर्धारित मानकों के आधार पर की गई थी। बाद में Awaas+ सर्वे के जरिए उन ग्रामीण परिवारों की जानकारी जुटाई गई जिन्हें आवास की जरूरत है। सरकार ने नई अवधि में Awaas+ सूची को अपडेट करने का फैसला भी किया है।
इसलिए 2026-27 की सूची को केवल एक ऐसी PDF के रूप में देखना सही नहीं होगा जिसमें देश के सभी लाभार्थियों के नाम एक साथ मिल जाएं। अलग-अलग राज्यों और स्थानीय निकायों में लाभार्थियों की जानकारी और स्वीकृति की स्थिति अलग हो सकती है।
2026-27 में PMAY-G के तहत कितने घरों का लक्ष्य है?
केंद्र सरकार ने अगस्त 2024 में PMAY-G को अगले पांच वित्त वर्षों के लिए जारी रखने की मंजूरी दी थी। इस नई अवधि में 2 करोड़ अतिरिक्त ग्रामीण घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। योजना की कुल अनुमानित लागत 3.06 लाख करोड़ रुपये बताई गई थी, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों की हिस्सेदारी शामिल है।
जुलाई 2026 तक जारी सरकारी जानकारी के अनुसार नई अवधि के लिए राज्यों को 1.22 करोड़ घरों का लक्ष्य आवंटित किया गया था। इनमें 97.48 लाख घर स्वीकृत हो चुके थे। इसका मतलब है कि 2026-27 में भी PMAY-G के तहत घरों की मंजूरी और निर्माण का काम चल रहा है।
अगस्त 2026 में सरकार ने पिछले पांच वित्त वर्षों की प्रगति भी जारी की। वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 के दौरान राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को कुल 2.13 करोड़ घरों का लक्ष्य दिया गया था। इनमें 1.95 करोड़ घर स्वीकृत और 1.21 करोड़ घर पूरे होने की जानकारी दी गई।
PM Awas Yojana में किसे घर मिलता है?

PMAY-G का लाभ ऐसे ग्रामीण परिवारों को देने का उद्देश्य है जो आवास की कमी से जूझ रहे हैं। इसमें बेघर परिवार और ऐसे परिवार शामिल हो सकते हैं जो योजना के तय मानकों के अनुसार कच्चे या कमजोर मकान में रह रहे हैं। हालांकि, केवल कच्चे घर में रहने से अपने आप योजना का लाभ तय नहीं हो जाता। परिवार की पूरी जानकारी और लागू पात्रता शर्तों की जांच की जाती है।
सरकार ने PMAY-G के नए चरण में लाभार्थियों की पहचान के लिए कुछ exclusion criteria यानी ऐसी शर्तें भी तय की हैं जिनके आधार पर परिवार योजना से बाहर हो सकता है। इसलिए किसी परिवार को अपना नाम सूची में देखने के साथ यह भी देखना चाहिए कि वह योजना की पात्रता शर्तों को पूरा करता है या नहीं।
सामान्य तौर पर किन परिवारों की पहचान की जाती है?
- ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले आवास-विहीन परिवार।
- ऐसे परिवार जिनके पास योजना के मानकों के अनुसार पक्का घर नहीं है।
- आवास की स्थिति के आधार पर पात्र पाए गए परिवार।
- Awaas+ या संबंधित सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज पात्र परिवार।
- सर्वे और स्थानीय सत्यापन में पात्र पाए गए परिवार।
इसके साथ सरकारी नियमों में कुछ ऐसे आधार भी हैं जिनके कारण परिवार को योजना से बाहर किया जा सकता है। इसलिए इंटरनेट पर मिलने वाली सामान्य eligibility list को अंतिम फैसला नहीं माना जाना चाहिए। वास्तविक स्थिति सरकारी रिकॉर्ड और सत्यापन से तय होती है।
PM Awas Yojana List 2026-27 में नाम कैसे देखें?
ग्रामीण क्षेत्र के लाभार्थियों के लिए PMAY-G की सरकारी व्यवस्था में पंचायत से लेकर जिला स्तर तक जानकारी उपलब्ध रहती है। नाम देखने के लिए राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत से जुड़ी जानकारी का इस्तेमाल किया जा सकता है। कई मामलों में लाभार्थी की जानकारी Registration ID से भी खोजी जाती है।
अगर आपके पास PMAY-G से जुड़ी Registration ID या अन्य लाभार्थी विवरण है, तो उसे संभालकर रखें। इससे रिकॉर्ड खोजने में आसानी हो सकती है। जिन लोगों के पास Registration ID नहीं है, वे अपनी ग्राम पंचायत या संबंधित प्रखंड कार्यालय से अपनी स्थिति पूछ सकते हैं।
ऑनलाइन नाम चेक करने का तरीका
- PMAY-G की Official Website खोलें।
- वहां उपलब्ध beneficiary या report से जुड़े विकल्प पर जाएं।
- अपने राज्य का नाम चुनें।
- इसके बाद जिला और ब्लॉक की जानकारी चुनें।
- अपनी ग्राम पंचायत का चयन करें।
- उपलब्ध रिपोर्ट में लाभार्थियों की जानकारी देखें।
- अगर Registration ID उपलब्ध है, तो उससे संबंधित beneficiary details की जांच करें।
सरकारी वेबसाइट पर विकल्पों का नाम या पेज का लेआउट समय के साथ बदल सकता है। इसलिए किसी पुराने वीडियो में दिखाई गई स्क्रीन को देखकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। मुख्य बात यह है कि जानकारी सरकारी PMAY-G पोर्टल या संबंधित सरकारी कार्यालय से ही जांची जाए।
नाम नहीं दिख रहा है तो क्या करें?
कई बार लोग अपना नाम सूची में खोजते हैं और नाम नहीं मिलता। ऐसी स्थिति में तुरंत यह मान लेना सही नहीं है कि परिवार योजना के लिए अपात्र है। हो सकता है कि सर्वे या सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई हो, रिकॉर्ड अभी अपडेट नहीं हुआ हो या परिवार की जानकारी किसी दूसरे चरण में हो।
PMAY-G में पात्र परिवारों की पहचान के लिए Awaas+ से जुड़ी प्रक्रिया भी चल रही है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने बताया है कि Awaas+ सूची को अपडेट करने के लिए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के जरिए नया सर्वे कराया गया है। इस प्रक्रिया में e-KYC और face-based authentication जैसी तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
अगर परिवार को लगता है कि वह योजना के लिए पात्र है लेकिन नाम नहीं दिख रहा है, तो सबसे पहले ग्राम पंचायत में जानकारी लें। वहां यह पूछा जा सकता है कि परिवार का नाम सर्वे में दर्ज हुआ है या नहीं और रिकॉर्ड किस स्थिति में है। जरूरत पड़ने पर प्रखंड या संबंधित ग्रामीण विकास कार्यालय से भी जानकारी ली जा सकती है।
Awaas+ 2024 क्या है?
Awaas+ 2024 ग्रामीण परिवारों की पहचान से जुड़ा सर्वे है। इसका मकसद ऐसे पात्र परिवारों की जानकारी जुटाना है जो PMAY-G के तहत घर पाने की प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं। सरकार ने नई अवधि में Awaas+ सूची को अपडेट करने का फैसला किया है ताकि पात्र परिवारों की पहचान मौजूदा नियमों के आधार पर की जा सके।
इस सर्वे में परिवार की जानकारी दर्ज करने के साथ पहचान से जुड़ी तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। सरकार ने बताया है कि Awaas+ 2024 मोबाइल ऐप में Aadhaar आधारित face authentication जैसी सुविधा का इस्तेमाल किया गया है। इसका उद्देश्य लाभार्थी की पहचान और सर्वे प्रक्रिया को अधिक भरोसेमंद बनाना है।
इसका एक फायदा यह है कि नई सूची तैयार करते समय सिर्फ पुराने आंकड़ों पर निर्भर रहने के बजाय मौजूदा स्थिति की जानकारी भी जुटाई जा सकती है। हालांकि, सर्वे में नाम दर्ज होना और घर की अंतिम मंजूरी एक ही बात नहीं है। आगे पात्रता और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।
PM Awas Yojana में कितनी राशि मिलती है?
PMAY-G में घर बनाने के लिए मिलने वाली मूल सहायता क्षेत्र के हिसाब से अलग है। सामान्य मैदानी क्षेत्रों में प्रति आवास 1.20 लाख रुपये की यूनिट सहायता है। उत्तर-पूर्वी राज्यों और पहाड़ी क्षेत्रों तथा केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित कुछ अन्य क्षेत्रों में यह सहायता 1.30 लाख रुपये है।
| क्षेत्र | PMAY-G आवास सहायता |
|---|---|
| मैदानी क्षेत्र | ₹1.20 लाख प्रति आवास |
| उत्तर-पूर्वी और पहाड़ी क्षेत्र आदि | ₹1.30 लाख प्रति आवास |
इसके अलावा शौचालय निर्माण के लिए 12,000 रुपये की सहायता का प्रावधान संबंधित योजनाओं के साथ convergence के माध्यम से किया जाता है। मनरेगा के साथ भी योजना को जोड़ा गया है, जिसके तहत पात्र लाभार्थियों को निर्धारित अवधि की अकुशल मजदूरी का लाभ मिल सकता है।
PMAY-G के तहत घर का न्यूनतम आकार 25 वर्ग मीटर रखा गया है। इसमें खाना बनाने की जगह भी शामिल होती है। योजना का उद्देश्य केवल छत उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि बुनियादी सुविधाओं के साथ पक्का आवास उपलब्ध कराना है।
PM Awas Yojana की किस्त कैसे मिलती है?
घर की सहायता आम तौर पर एक ही बार में पूरी राशि के रूप में हाथ में नहीं दी जाती। आवास निर्माण की प्रगति के आधार पर भुगतान की प्रक्रिया होती है। किस्त की वास्तविक संख्या, समय और भुगतान की स्थिति राज्य में लागू प्रक्रिया तथा निर्माण की प्रगति से जुड़ी हो सकती है।
लाभार्थी के आवास निर्माण की प्रगति को सरकारी सिस्टम में दर्ज किया जाता है। कई चरणों में घर की तस्वीर और geo-tagging जैसी व्यवस्था का इस्तेमाल किया जाता है। इससे यह देखा जा सकता है कि स्वीकृत घर का निर्माण वास्तव में किस स्थिति में पहुंचा है।
इसलिए अगर किसी व्यक्ति का नाम PM Awas List में आ गया है लेकिन पैसे की किस्त अभी नहीं आई है, तो उसे केवल सूची देखकर भुगतान होने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। बैंक खाते, स्वीकृति, निर्माण की स्थिति और सरकारी रिकॉर्ड की जांच करना जरूरी है।
PM Awas Yojana के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हो सकते हैं?
ग्रामीण योजना में दस्तावेज और रिकॉर्ड की जरूरत परिवार की स्थिति और स्थानीय प्रक्रिया के अनुसार हो सकती है। पहचान और बैंक से जुड़ी जानकारी का सही होना जरूरी है। सर्वे या सत्यापन के दौरान अधिकारियों द्वारा मांगी गई जानकारी भी उपलब्ध करानी पड़ सकती है।
- आधार कार्ड या पहचान से जुड़ी जानकारी
- बैंक खाते की जानकारी
- परिवार से जुड़ी जानकारी
- भूमि से जुड़े दस्तावेज, जहां आवश्यक हों
- मोबाइल नंबर और अन्य मांगी गई जानकारी
सभी मामलों में एक जैसी दस्तावेज सूची लागू हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए स्थानीय पंचायत या संबंधित कार्यालय से यह पता करना बेहतर है कि आपके मामले में कौन-से दस्तावेज चाहिए।
PM Awas Yojana Gramin और Urban में अंतर
PM Awas Yojana के नाम से ग्रामीण और शहरी दोनों योजनाओं की जानकारी इंटरनेट पर मिलती है, लेकिन दोनों की प्रक्रिया अलग है। ग्रामीण क्षेत्र में PMAY-G लागू होती है। शहरों के लिए PMAY-U 2.0 लागू है।
| बिंदु | PMAY-G | PMAY-U 2.0 |
|---|---|---|
| क्षेत्र | ग्रामीण | शहरी |
| मुख्य उद्देश्य | पात्र ग्रामीण परिवारों को पक्का घर | शहरी परिवारों को घर बनाने, खरीदने या किराये के आवास में सहायता |
| वर्तमान चरण | 2024-25 से 2028-29 | 2024 से 2029 |
| मुख्य प्रक्रिया | सर्वे, सूची, पात्रता और स्थानीय सत्यापन | ऑनलाइन आवेदन और संबंधित ULB/राज्य/अन्य संस्थाओं द्वारा सत्यापन |
शहरी योजना PMAY-U 2.0 में चार अलग-अलग हिस्से हैं—Beneficiary Led Construction, Affordable Housing in Partnership, Affordable Rental Housing और Interest Subsidy Scheme। सरकारी पोर्टल के अनुसार योजना की अवधि 2024 से 2029 तक है।
शहर में रहने वाले लोग PMAY-U 2.0 की पात्रता कैसे देखें?
शहरी क्षेत्र के लिए नियम अलग हैं। PMAY-U 2.0 के तहत EWS, LIG और MIG परिवार पात्र हो सकते हैं, बशर्ते परिवार के नाम पर देश में कहीं भी पक्का घर न हो और योजना की दूसरी शर्तें पूरी हों। योजना के आधिकारिक विवरण के अनुसार EWS की वार्षिक घरेलू आय 3 लाख रुपये तक, LIG की 3 लाख से 6 लाख रुपये तक और MIG की 6 लाख से 9 लाख रुपये तक बताई गई है।
शहरी योजना में पिछले 20 वर्षों में केंद्र, राज्य या स्थानीय सरकार की किसी आवास योजना का लाभ लेने की शर्त भी पात्रता को प्रभावित करती है। इसलिए PMAY-U 2.0 का आवेदन करने से पहले eligibility check करना जरूरी है।
PMAY-U 2.0 में आवेदन Unified Web Portal, Common Service Centre या संबंधित नगर निकाय के जरिए किया जा सकता है। आवेदन के दौरान Aadhaar, बैंक खाते की जानकारी और योजना के अनुसार अन्य दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।
PM Awas Yojana List को लेकर इन गलतफहमियों से बचें
PM Awas Yojana की सूची को लेकर इंटरनेट पर कई तरह की जानकारी मिलती है। कुछ वेबसाइटें पुराने साल की सूची को नई सूची बताकर दिखाती हैं। कुछ जगहों पर ऐसी PDF भी शेयर की जाती है जिसकी सरकारी पुष्टि नहीं होती। लाभार्थी को ऐसी जानकारी पर भरोसा करने से पहले सरकारी पोर्टल पर रिकॉर्ड देखना चाहिए।
यह भी ध्यान रखना चाहिए कि नाम सूची में आने का अर्थ यह नहीं है कि पूरी सहायता राशि तुरंत खाते में आ जाएगी। आवास स्वीकृति, निर्माण की प्रगति और भुगतान की प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में हो सकती है।
- केवल WhatsApp या Facebook पर मिली सूची को सही न मानें।
- किसी अनजान वेबसाइट पर Aadhaar या बैंक की जानकारी न डालें।
- PM Awas के नाम पर पैसे मांगने वाले व्यक्ति से सावधान रहें।
- नाम नहीं मिलने पर ग्राम पंचायत या संबंधित सरकारी कार्यालय में स्थिति पूछें।
- स्वीकृति और किस्त की जानकारी अलग से जांचें।
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2026-27 में PM Awas Yojana की ताजा स्थिति
अगस्त 2026 तक उपलब्ध केंद्र सरकार की जानकारी के अनुसार PMAY-G की नई अवधि में 2 करोड़ अतिरिक्त ग्रामीण घर बनाने का लक्ष्य जारी है। जुलाई 2026 तक नई अवधि के लिए राज्यों को 1.22 करोड़ घरों का लक्ष्य आवंटित किया गया था, जिसमें 97.48 लाख घर स्वीकृत हो चुके थे।
वहीं, वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 के दौरान PMAY-G के तहत 2.13 करोड़ घरों का लक्ष्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को दिया गया था। इनमें 1.95 करोड़ घर स्वीकृत और 1.21 करोड़ घर पूरे होने की जानकारी ग्रामीण विकास मंत्रालय ने अगस्त 2026 में जारी की थी।
इसलिए 2026-27 में PM Awas Yojana List में नाम देखने वालों को सबसे पहले यह देखना चाहिए कि उनका परिवार ग्रामीण योजना में आता है या शहरी योजना में। ग्रामीण परिवार PMAY-G के रिकॉर्ड, ग्राम पंचायत और संबंधित प्रखंड कार्यालय से अपनी स्थिति की जांच कर सकते हैं। अगर परिवार का नाम अभी नहीं दिख रहा है, तो Awaas+ सर्वे और पात्रता सत्यापन की स्थिति पूछना जरूरी है।
सितंबर 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर PMAY-G की नई अवधि 2028-29 तक जारी है और इसमें 2 करोड़ अतिरिक्त ग्रामीण घरों का लक्ष्य रखा गया है। 2026-27 में लाभार्थियों की पहचान, घरों की मंजूरी और निर्माण का काम जारी है। किसी व्यक्ति का नाम PM Awas Yojana List 2026-27 में है या नहीं, इसकी अंतिम पुष्टि सरकारी रिकॉर्ड से ही की जानी चाहिए।

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